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कैसे दीवाली पर लक्ष्मी पूजा करें?

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  दर्शकों, कैसे दीवाली पर लक्ष्मी पूजा करें। दिवाली के त्यौहार में सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्मी पूजन मानी जाती है। इस त्यौहार में की जाने वाली लक्ष्मी पूजा, एक बहुत महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। यह अनुष्ठान देवी लक्ष्मी को अपने घर बुलाने के लिए किया जाता है। देवी लक्ष्मी के लिए प्रार्थनाएं की जाती हैं, जिससे नव वर्ष, यानी हिन्दुओं का नया साल, शांति, धन और समृद्धि से भरपूर रहे। घर पर दीवाली पूजा करने की विधि इस video मे बताई गई है। तो यह महत्वपूर्ण video ध्यान से और अंत तक जरूर सुने, और सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। दर्शकों, पहिले अपने घर को शुद्ध करें। अपने घर को पूरी तरह से साफ़ रखें। घर को शुद्ध करने के लिए, गंगाजल या गंगा नदी का पानी घर में चारों और छिडकें।उसके बाद मंच की स्थापना करें। ऊंचे मंच पर लाल कपडा बिछाएं, और इसके मध्य भाग में एक मुट्ठी गेंहूँ रखें। उसके बाद, मध्य भाग में कलश स्थापित करें। इसे 75 प्रतिशत पानी से भरें, और इस कलश के ऊपर सुपारी, गेंदे के फूल, एक सिक्का, और कुछ चावल के दाने रखें। कलश में आम के पांच पत्ते रखकर, इन्हें कलश की ग्रीवा भाग में ग...

कैसे घर पर सरस्वती पूजा करें?

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  दर्शकों, कैसे घर पर सरस्वती पूजा करें। माँ सरस्वती विद्या और सभी कलाओं की हिन्दू देवी हैं। अक्सर स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स, आर्टिस्ट और म्यूजीशियन के द्वारा कलात्मक और तकनीकी कौशल, एकेडमिक स्ट्रेंथ, ज्ञान और अच्छी हैल्थ पाने के लिए, देवी सरस्वती को पूजा जाता है। सरस्वती पूजा को हिन्दू त्यौहार, वसंत पंचमी और नवरात्रि में किया जाता है. और सरस्वती पूजा को आप जब चाहें, तब माँ सरस्वती का स्मरण करने के लिए, आपके घर पर भी कभी भी पूजा कर सकते हैं। तो दर्शकों इस video मे इस विधि के सभी नियम बताए गये है। तो इस ज्ञानवर्धक video को ध्यान से और अंत तक जरूर सुने, और सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। दर्शकों, इस नियम को करने के लिए, सबसे पहले सुबह जल्दी उठें और नहा लें। अपने घर को साफ करें, अपनी प्रतिमा या मूर्ति को स्थापित करें, मंत्र पढ़ें और भोग लगाएँ। जब घर पर सरस्वती पूजा करें, सुबह जल्दी उठने की पारंपरिक प्रथा होती है। आप सुबह 5 से 8 बजे के बीच का एक अलार्म सेट कर सकते हैं, या फिर आप खिड़की से सूरज की किरणें देखकर भी उठ सकते हैं। इस नियम को पूरा करने के लिए, खुद को कम से कम 1 ...

कैसे काले जादू का असर दूर करें।

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  दर्शकों, कैसे काले जादू का असर दूर करें। क्या आपको कभी लगता है कि, किसी ने काले जादू से आपको शापित किया है, या आप पर कोई जादू किया है? अगर ऐसा है, तब चिंता मत करिए। कुछ साधारण तकनीकें हैं जिनसे आप यह टोटका तोड़ सकते हैं। तो दर्शकों, यह video बहुत हीं ज्ञानवर्धक हैं, इसे ध्यान से और अंत तक जरूर सुने, और सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। पहिले जानते है, कि क्या आप शापित हैं। देखिये कि क्या किसी के पास आपको शाप देने का कोई कारण है। दर्शको, अपने उन कारणों पर विचार करिए, जिनके कारण शायद आपको शाप दिया गया हो। क्या ऐसा कोई है, जो आपका बुरा चाहता होगा? किसी अनजान द्वारा शाप दिया जाना असामान्य होता है। तो संभावना यही है कि, आपके किसी परिचित को आपसे कोई समस्या होगी। ये कुछ सामान्य शाप और टोटके हैं, जो आप पर किए जा सकते हैं। क्या आपका भाग्य कुछ खास ही बुरा रहा है। दर्शको, अगर आपका भाग्य लगातार कुछ अधिक ही खराब रहा है, तब समझ लीजिये कि, किसी ने आप पर दुर्भाग्य का टोटका किया है। अगर दुर्घटना पर दुर्घटना होती रही हैं, और कुछ तो गड़बड़ लगता है, तब संभव है कि, आपको वह टोटका हटाने ...

मृत व्यक्ति के कपड़े और गहने, पहनने चाहिए या नहीं?

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  दर्शकों, मृत व्यक्ति के कपड़े और गहने, पहनने चाहिए या नहीं? जानिए शास्त्रों में इसके बारे में क्या लिखा है। दर्शकों यह video आपके जीवन बहुत महत्वपूर्ण होनेवाला है। तो इसे ध्यान से और अंत तक जरूर सुने, और सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। दर्शकों, मृत्यु के बाद किसी व्यक्ति के कपड़े और गहनों को पहनना सही है या गलत. इसके बारे में आज हम आपको अपने इस video में जानकारी देंगे। मृत्यु एक शाश्वत सत्य है। जिसने जन्म लिया है, वो जीवन की यात्रा को पूरा करने के बाद शरीर को त्यागता ही है। मृत्यु के बाद उस व्यक्ति की यादें, और उससे जुड़ी चीजें ही हमारे पास रह जाती हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि, आपको मृत व्यक्ति की चीजों को इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं। शास्त्रों में इस बारे में क्या कुछ लिखा है, आइए जानते हैं विस्तार से। मृत व्यक्ति के गहने पहनने चाहिए या नहीं। दर्शकों, गरुड़ पुराण में बताया गया है कि, मृत व्यक्ति के गहने धारण नहीं करने चाहिए। इन गहनों को आप यादगार के रूप में, अपने पास रख सकते हैं। लेकिन उन्हें पहनकर, मृत व्यक्ति की आत्मा आपकी ओर आकर्षित हो सकती है। उन्हें मा...

मरे हुए व्यक्ति ये तीन चीजें कभी भी इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए।

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 दर्शकों, मरे हुए व्यक्ति ये तीन चीजें कभी भी इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए। दर्शकों, इस छोटे से video मे आपको बहुत महत्वपूर्ण जानकारी मिलने वाली हैं। तो video को ध्यान से और अंत तक जरूर सुने, और सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। दर्शकों, जिसने इस धरती पर जन्म लिया है, उसकी मृत्यु निश्चित ही है। कहते हैं कि, जिस दिन जीव का जन्म होता है, यमराज उसी दिन से उसके पीछे लगे रहते हैं। और जैसे ही मौत का समय आता है, उसे अपने साथ लेकर इस दुनिया से चले जाते हैं। इसलिए जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु होनी ही है। लेकिन मृत्यु के बाद का सफर कैसा होगा, इस बात को लेकर दुनिया भर में कई मान्यताएं हैं। यही नहीं, मृत्यु के बाद पीछे जो रह गया है, उस का क्या होगा। या यू कहें कि, मरने वाले व्यक्ति के समान का क्या होगा, इसके पीछे भी कई धारणाएं है। पर मृत व्यक्ति के तीन ऐसे समान है, जिनका उपयोग परिजन को नहीं करना चाहिए। दर्शकों, कई बार लोग अपने मृत परिजन की वस्तुओं का उपयोग करने लगते हैं। लेकिन बता दें कि, गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत व्यक्ति की कुछ ऐसी 3 चीजें हैं, जिनका भूलकर भी मनुष्य को इस्तेमाल न...

किन्नरों के आशीर्वाद को इतना महत्व क्यों दिया जाता है?

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 प्रिय दर्शकों, किन्नरों के आशीर्वाद को इतना महत्व क्यों दिया जाता है? क्या इसके पीछे की कोई कहानी है? किन्नरों को लेकर अक्सर हमारे समाज में एक जिज्ञासा बनी रहती है। शादी ब्याह आदि शुभ कार्यों के अवसर पर, घरों में नेग मांगने आने वाले किन्नरों को लेकर, अक्सर मन में यह सवाल उठता है, कि आखिर ये कहां रहते हैं? इनके देवी देवता कौन होते हैं? आखिर लोगों को आशीर्वाद देने की शक्ति उन्हें कहां से मिली, और किसने दी? ऐसे कई सवाल हैं, जो अक्सर हमारे मन में उठते हैं। इन सभी सवालों के जवाब जानने से पहले, आइए जानते हैं कि, क्या त्रेतायुग में भगवान राम के समय में भी, इस पृथ्वी पर मौजूद थे किन्नर? राम से मिला था आशीर्वाद, मान्यता है कि, प्रभु श्रीराम जब 14 वर्ष का वनवास काटने के लिए अयोध्या छोड़ने लगे, तब उनकी प्रजा और किन्नर समुदाय भी उनके पीछे पीछे चलने लगे थे।तब श्रीराम ने उन्हें वापस अयोध्या लौटने को कहा। लंका विजय के पश्चात, जब श्रीराम 14 साल वापस अयोध्या लौटे तो, उन्होंने देखा बाकी लोग तो चले गए थे, लेकिन किन्नर वहीं पर उनका इंतजार कर रहे थे। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर, प्रभु श्रीराम ने किन्नर...