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नवंबर, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आखिर क्यों फलता है किन्नरों का आशीर्वाद।

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  नमस्कार दर्शकों, आखिर क्यों फलता है किन्नरों का आशीर्वाद।  आज हम आपको रामयाण का वो किस्सा बताने जा रहे हैं, जो बेहद ही भावुक कर देने वाला, और भक्ति की चरम सीमा को छूने वाला है। यह किस्सा श्री राम और किन्नरों से जुड़ा हुआ है। दर्शकों, video सुरु करने से पहले सच्चे दिल कमेंट मे जय श्री राम जरूर लिखें। तो आइये जानते हैं आखिर क्यों फलता है किन्नरों का आशीर्वाद। रामायण में कई ऐसे किस्से हैं, जो भावुक कर देने वाले हैं। इन किस्सों में भक्ति भाव देखने को मिलता है। ऐसा ही एक किस्सा है, भगवान श्री राम और किन्नरों से जुड़ा। मान्यता है, कि किन्नरों ने श्री राम की ऐसी भक्ति की थी, कि वनवास से लौटने के बाद, उन्हें श्री राम से वो आशीर्वाद मिला था, जिसके चमत्कार आज भी नजर आते हैं।  रामायण के अनुसार, श्री राम माता सीता और लक्ष्मण के साथ वनवास जा रहे थे। तब अयोध्या वासी भी अपने प्रभु श्री राम के पीछे पीछे वनवास की ओर चल दिए। श्री राम ने जब यह देखा, तो उन्होंने अयोध्या वासियों को उनके पीछे आने से रोका। अयोध्या वासी, श्री राम के बिना राज्य में रहने के लिए तैयार ही नहीं थे। श्री राम...

सपने में विधवा स्त्री को देखना शुभ होता है या अशुभ। सपने में विधवा को सुहागन देखना

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सपने में विधवा स्त्री को देखना शुभ होता है  नमस्कार दर्शकों, सपने में विधवा स्त्री को देखना शुभ होता है या अशुभ। सपने में विधवा को सुहागन देखना, सपने में खुद को विधवा देखना, सपने में विधवा स्त्री के पैर छुना। ऐसे बहुत सारे सवालों का जवाब इस video मे मिलेगा। और कई सारे सवाल है, जैसे की, सपने में विधवा स्त्री को खुश देखना, सपने में विधवा औरत को रोते हुए देखना, सपने में खुले बालों वाली विधवा औरत देखना, सपने में विधवा औरत से कुछ मांगना, सपने में विधवा स्त्री से कुछ लेना। तो इन सभी का जवाब आगे मिलेगा, तो video को ध्यान से और अंत तक जरूर सुने। और कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें।  सपना मनुष्य को सोते वक्त एक दूसरी दुनिया में ले जाता है, एक काल्पनिक दुनिया, जो सिर्फ हमारे ही इर्द गिर्द घूमा करती है। स्वप्न मनुष्य के भविष्य के बारे में संकेत देते हैं। स्वप्न को समझने के लिए जरूरी है, की हमको ये पता होना चहिए, की स्वप्न हमने किस अवस्था और किस समय देखा। स्वपन शास्त्र के अनुसार, सपनो को भविष्य कहा जाता है। सपने में आप कुछ भी देखते हैं, उसका अर्थ कुछ ना कुछ जरूर होता है, और उसक...

श्रीमद भगवद गीता सार, जीवन का आधार है. Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 श्रीमद भगवद गीता सार, जीवन का आधार है. आज हम जानेंगे गीता ज्ञान,  कर्म योग के बारे में। इसमें हम जानेंगे की, हम कर्म में अकर्म की अवस्था को कैसे, और क्यों प्राप्त करते हैं। श्रीकृष्ण अर्जुन को बताते है, ऐसा कोई समय नही जब हम कर्म न करते हों। इससे पहले के अध्याय में हमने सांख्य योग, यानी की सन्यास योग के ज्ञान को जाना था. और इस अध्याय में भी इसकी चर्चा करेंगे।  तो मित्रों नमस्कार औऱ स्वागत है आप सभी का, एक बार फिर long life channel पर. Video शुरू करणेसे पहिले हम बताना चाहते हैं की, video लास्ट तक जरूर देखे. औंर आप हमारे channel पे नये हो तो like, कमेंट औंर subscribe  जरूर करे  तो चलिए जानते हैं। सांख्य योग में अर्जुन आत्म ज्ञान को प्राप्त करते है. जिससे अर्जुन कर्म और सन्यास में उलझ जाते है. और भगवान से पूछते है, कि कर्म और सन्यास में क्या श्रेष्ठ है. क्योंकि वो भयंकर युद्ध के कर्म से बचना चाहते है. और वो समझते है, कि युद्ध करने से पापी हो जाएंगे। इसलिए वो सन्यास को बेहतर समझते हैं। सन्यास से सरल कर्म क्या है. श्रीकृष्ण उनको एक गहरी बात समझाते है. जिससे अर्ज...

गर्भ संस्कार से सुंदर और तेजस्वी संतान होगी. Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 गर्भ संस्कार से सुंदर और तेजस्वी संतान होगी.  प्राचीनकाल से ही भारतीय संस्कृति में, मनुष्य के लिए जन्म से मृत्यु तक सोलह संस्कारों की व्याख्या की गई है। इनमें गर्भ संस्कार भी, एक प्रमुख संस्कार माना गया है। चिकित्सा विज्ञान यह स्वीकार कर चुका है, कि गर्भस्थ शिशु किसी चैतन्य जीव की तरह व्यवहार करता है. तथा वह सुनता और ग्रहण भी करता है। माता के गर्भ में आने के बाद से, गर्भस्थ शिशु को संस्कारित किया जा सकता है. तथा दिव्य संतान की प्राप्ति की जा सकती है।  तो मित्रों नमस्कार औऱ स्वागत है आप सभी का, एक बार फिर धर्म रक्षा पर. Video शुरू करणेसे पहिले हम बताना चाहते हैं की, video लास्ट तक जरूर देखे. औंर आप हमारे channel पे नये हो तो like, कमेंट औंर subscribe  जरूर करे. तो चलिए जानते हैं। महाभारत काल में अर्जुन द्वारा, अपनी पुत्नी सुभद्रा को चक्रव्यूह की जानकारी देने, और अभिमन्यु द्वारा उसे ग्रहण करके, सीखने की पौराणिक कथा मात्र एक उदाहरण है. जिससे गर्भस्थ शिशु के सीखने की बात, प्रामाणिक साबित होती है। सभी धर्मों में, यह बात किसी न किसी रूप में कही गई है। जैन धर्म में गर्...

गर्भ गीता. किन कारणों से आता है जीव गर्भ में ? Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 गर्भ गीता. किन कारणों से आता है जीव गर्भ में ? स्तुत संवाद गर्भ गीता से लिया गया है. जिसमें भगवान श्रीकृष्ण तथा उनके प्रिय भक्त, एवं सखा अर्जुन के मध्य संवाद किया गया है। इसमें भगवान मधुसूदन अर्जुन के द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर दे रहे हैं। एक समय की बात है, अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा कि, भगवन क्या कारण है, कि किसी जीव को मां के गर्भ में आना पड़ता है. तथा भांति-भांति के कष्ट भोगने पड़ते हैं? ऐसा जीव के किन गुण, तथा दोषों के कारण होता है? प्राणी अपने जन्म से पूर्व तो कष्ट पाता ही है. जन्म लेते समय भी उसे कष्टों से छुटकारा नहीं मिलता। उसके बाद आजीवन मृत्यु काल तक, उसे रोग कष्ट आदि का सामना करना पड़ता है. यह सुनकर भगवान मधुसूदन मुस्कराते हुये बोले, कि हे श्रेष्ठ धनुर्धारी अर्जुन, मृत्यु लोक में जन्म लेने के पश्चात. प्रत्येक जीवात्मा इस संसार की माया से प्रेरित होकर, भौतिक संसाधनों के बंधनों में बंध जाती है। वह अपना मुख्य उद्देश्य जो कि, मात्र ईश्वर की प्राप्ति है. उसे भूलकर, परिवार, पुत्र-पुत्रियों सगे-सम्बन्धियों, आदि के मोह में फंसकर ही रह जाती है। मृत्युपर्यन्त तक, इन सभ...

गीता के ये श्लोक बताते हैं मृत्यु का सत्य. Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 गीता के ये श्लोक बताते हैं मृत्यु का सत्य. भगवत गीता के ये श्लोक जीवन को शांति का अनुभव कराते हैं. और मन में कोई बुरी भावना नहीं आने देते। हिन्दू धर्म में भगवत गीता को एक पवित्र ग्रंथ है। इसके श्लोक जीवन को जीने की दिशा दिखाते हैं। आइए आज भगवत गीता के श्लोक का मतलब जानते हैं. जो हमारे जीवन जीने की राह आसान कर देंगे। भगवत गीता के ये श्लोक जीवन को शांति का अनुभव कराते हैं. और मन में कोई बुरी भावना नही आने देते. तो मित्रों नमस्कार औऱ स्वागत है आप सभी का, एक बार फिर long life channel पर. Video शुरू करणेसे पहिले हम बताना चाहते हैं की. Video लास्ट तक जरूर देखे, तभी आपको मृत्यु का सत्य समज मे आयेगा. आप हमारे channel पे नये हो तो like, कमेंट औंर subscribe  जरूर करे. तो चलीये जाणते है, की मृत्यू का सत्य क्या है. कर्मजं बुद्धियुक्ता हि फलं त्यक्त्वा मनीषिणः जन्मबन्धविनिर्मुक्ताः पदं गच्छन्त्यनामयम्. श्री कृष्ण कहते हैं कि हे अर्जुन, ईश्वरभक्ति में स्वयं को लीन करके, बड़े बड़े ऋषि व मुनि खुद को इस भौतिक संसार के कर्म, और फल के बंधनों से मुक्त कर लेते हैं। इस तरह उन्हें जीवन और मरण के ...

भगवद गीता की सबसे अच्छी सीख देने वाली बातें क्या हैं? Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 भगवद गीता की सबसे अच्छी सीख देने वाली बातें क्या हैं? भगवदगीता में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को उपदेश नही देते , बल्कि उनका मार्गदर्शन करते है। इसलिए भगवान श्रीकृष्ण पहिले अध्याय तक पूरी तरह से अर्जुन को सुनते है. और फिर बाकी के सतरा अध्याय उन्हें समझाते है। एक अच्छा मोटिवेशनल स्पीकर सबसे पहले सामने वाले व्यक्ति को तरह से अपनी बात पूरी करने देता है. ताकि बाद में वह उसे पूरी तरह से समझा सके। ईश्वर कण कण में है, और हम सब उसी के अंश है। जिस तरह मनुष्य के एक हिस्से को चोट लगने से, उस दुःख की अनुभूति सारे शरीर को होती है. उसी तरह से ईश्वर के किसी अंश यानी, मनुष्य को चोट लगती है, तो उसकी अनुभूति बाकी सभी अंश यानी मनुष्य को होनी चाहिए। और यह करुणा ही धर्म है। भगवान ने मनुष्यो को कर्म के आधार पर ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शुद्र में बांटा है. ना कि जन्म के आधार पर। फल की इच्छा का त्याग करना ही सच्चा धर्म है। कर्म करते रहो ,  पर फल की आशा मत रखो। कर्म करने पर अगर तुम्हें कुछ प्राप्त होता, तो हम दुःखी हो जाते है. और आगे नही बढ़ पाते। और अगर कुछ प्राप्त हो तो खुशी से मन भर जाता है, और खुशी...

गर्भ संस्कार से सुंदर और तेजस्वी संतान होगी. Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 गर्भ संस्कार से सुंदर और तेजस्वी संतान होगी. प्राचीनकाल से ही भारतीय संस्कृति में, मनुष्य के लिए जन्म से मृत्यु तक सोलह संस्कारों की व्याख्या की गई है। इनमें गर्भ संस्कार भी, एक प्रमुख संस्कार माना गया है। चिकित्सा विज्ञान यह स्वीकार कर चुका है, कि गर्भस्थ शिशु किसी चैतन्य जीव की तरह व्यवहार करता है. तथा वह सुनता और ग्रहण भी करता है। माता के गर्भ में आने के बाद से, गर्भस्थ शिशु को संस्कारित किया जा सकता है. तथा दिव्य संतान की प्राप्ति की जा सकती है। तो मित्रों नमस्कार औऱ स्वागत है आप सभी का, एक बार फिर धर्म रक्षा पर. Video शुरू करणेसे पहिले हम बताना चाहते हैं की, video लास्ट तक जरूर देखे. औंर आप हमारे channel पे नये हो तो like, कमेंट औंर subscribe  जरूर करे. तो चलिए जानते हैं। महाभारत काल में अर्जुन द्वारा, अपनी पुत्नी सुभद्रा को चक्रव्यूह की जानकारी देने, और अभिमन्यु द्वारा उसे ग्रहण करके, सीखने की पौराणिक कथा मात्र एक उदाहरण है. जिससे गर्भस्थ शिशु के सीखने की बात, प्रामाणिक साबित होती है। सभी धर्मों में, यह बात किसी न किसी रूप में कही गई है। जैन धर्म में गर्भस्थ भगवान महावी...

अपने अध्ययन याद करने के लिए क्या करे Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 अपने अध्ययन याद करने के लिए क्या करे लगभग सभी दोस्तों की शिकायत यही होती है, कि वह पढ़ते है. परन्तु परीक्षा तक सब पढ़ा हुआ भुल हो जाता है। ऐसा लगता है कि, यह पढ़ा हुआ है पर लिखना क्या है याद ही नहीं आता। ऐसे में वर्षभर की पढ़ाई बेकार हो जाती है. और आप परीक्षा में वांछित अंक नहीं प्राप्त कर पाते। इससे आप में नैराश्य की भावना प्रबल होने लगती है. और आप अवसाद की तरफ बढ़ने लगते हैं। सर्वप्रथम पाठ्य सामग्री को समझे, आप जो भी पढ़ रहे है, उसे याद रखने के लिए, सबसे आवश्यक है कि, आप उसे समझ पा रहे हैं। आप पाठ को तभी उचित ढंग से समझ पाएंगे, जब आप पाठ्य में प्रयुक्त पारिभाषिक शब्दावली से परिचित हों, और प्रत्येक वाक्य का अर्थ भी आपकी समझ में आ रहा हो। और आप उसे याद भी तब रख पाएंगे, जब उसका उपयोग आप अपने जीवन में समझ पाएंगे।  बोलकर पढे, जब हम एक ही रूटीन से पढ़ते है तो भी हमें उस चीज में रुची कम होने लगती है. और कुछ समय बाद हमें नींद आने लगती हैं। यह समस्या काफी उम्मीदवारों में देखि जाती हैं। तो अपने अध्ययन में रुची विकसित करने के लिए, और नींद को भी दूर करने के लिए, आप बोलकर पढ़ सकते हैं। काफी व...

सीता माता के बारे में 10 रहस्य, महिलाओं को जानना जरूरी है. Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 सीता माता के बारे में 10 रहस्य, महिलाओं को जानना जरूरी है.  पौराणिक काल में, ऐसी कई महिलाएं हुई हैं. जिन्हें हम आदर्श और उत्तम चरित्र की महिलाएं मानते हैं। लेकिन उनमें से सर्वोत्तम हैं माता सीता। जैसे श्रीराम को पुरुषों में उत्तम पुरुषोत्तम कहा गया है. उसी तरह माता सीता भी महिलाओं में सबसे उत्तम हैं। इसके कई कारण हैं। आओ जानते हैं सीता माता के बारे में 10 रहस्य। तो साथीयो, नमस्कार औऱ स्वागत है आप सभी का  एक बार फिर long life channel पर. Video शुरू करणेसे पहिले हम बताना चाहते हैं की, video थोडा लंबा जरूर है, लेकीन यह video मे गृहस्थ स्त्री के लिए, बेहतर और संतुलित जीवन के अनमोल सूत्र छुपे हैं। तो video लास्ट तक जरूर देखे. औंर आप हमारे channel पे नये हो तो like, कमेंट औंर subscribe जरूर करे. धर्मशास्त्रों में ऐसी ही अनेक गृहस्थ, और पतिव्रता स्त्रियों के बारे में लिखा गया है. जो आज भी हर नारी के लिए आदर्श और प्रेरणा हैं। अनेक लोग माता सीता के जीवन को संघर्ष से भरा भी मानते है.  लेकिन असल में उनके ऐसे ही जीवन में हर कामकाजी, या गृहस्थ स्त्री के लिए बेहतर, और संतुलित...

गर्भ गीता क्यो पडना चाहिए. उसके क्या के फायदे है. औंर गर्भ संस्कार मंत्र क्या है. Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 गर्भ गीता क्यो पडना चाहिए. उसके क्या के फायदे है. औंर गर्भ संस्कार मंत्र क्या है.  गर्भ गीता को एक अनोखा ग्रंथ माना जाता हैं. यह ग्रंथ ऐसा ग्रंथ है. जिसमें संपूर्ण प्रकार का ज्ञान समाहित किया गया हैं. भगवान श्री कृष्ण का वचन है, की जो भी गर्भ गीता का चिंतन और मनन श्रद्धा पूर्वक करता हैं. वह व्यक्ति फिर से गर्भ वास धारण नहीं करता हैं. अर्थात व्यक्ति की आत्मा को मरण तथा जन्म से छुटकारा मिल जाता हैं. वह आत्मा फिर से कभी गर्भ धारण करके जन्म नहीं लेती हैं. उस आत्मा को भगवान के श्री चरणों में स्थान मिलता हैं. ऐसा माना जाता है की, अगर कोई गर्भवती महिला गर्भ गीता का श्रवण करती हैं. तो उसके शिशु की उन्नति होती हैं. तथा संस्कारी शिशु की प्राप्ति होती हैं. तो दोस्तों, धर्म रक्षा channel पर आपका स्वागत है. आज हम आपको इस video के माध्यम से गर्भ गीता के फायदे, तथा गर्भ संस्कार मंत्र बताने वाले हैं. इसके अलावा इस टॉपिक से जुडी अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं. तो यह सभी महत्वपूर्ण जानकारी पाने के लिए  यह video को अंत तक जरुर देखे. तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी ...

आखिर कर्ण से डरकर क्यों भागे श्री कृष्ण Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 आखिर कर्ण से डरकर क्यों भागे श्री कृष्ण दर्शको, हिन्दुओं के धर्मग्रन्थ महाभारत में जहा जीवन से कई बातों का वर्णन किया गया है. वही इसमें कई रोचक कथाओं का भी उल्लेख मिलता है। ये तो सभी जानते हैं, की महाभारत के युद्ध में वासुदेव कृष्ण अपने सखा अर्जुन के सारथी बने थे। उन्होंने युद्ध के पहले दिन, अर्जुन के युद्ध के लिए मना करने पर गीता का ज्ञान दिया था। और ऐसा भी माना जाता है, की श्री कृष्ण के कारण ही, पांडवों को महाभारत के युद्ध में विजय मिली थी।  लेकिन दर्शको, महाभारत युद्ध के दौरान, एक ऐसा समय भी आया, जब श्री कृष्ण कर्ण के डर से अचानक कुरुक्षेत्र मैदान से भाग खड़े हुए। इस वीडियो में हम आपको बताएगे की, आखिर ऐसा क्या हुआ था. जिसकी वजह से कुरुक्षेत्र के मैदान से, श्री कृष्ण कर्ण को देखकर अचानक भाग खड़े हुए। ये कथा उस दिन की है, जब कुंती पुत्र अर्जुन ने शिखंडी की सहायता से, पितामह भीष्म को, कुरुक्षेत्र के मैदान में बाणो की शय्या पर लिटा दिया। पितामह भीष्म के युद्ध के मैदान से हटने के बाद, उस दिन पहली बार सूर्य पुत्र कर्ण ने, युद्ध के मैदान में प्रवेश किया था।  क्यूंकि भीष...

कलयुग के पांच कड़वे सत्य. भगवान कृष्ण Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 कलयुग के पांच कड़वे सत्य. दोस्तों भगवान कृष्ण ने महाभारत काल में ही, कलयुग का विस्तार पूर्वक वर्णन कर दिया था। कलयुग में लोग कैसे होंगे, जीवन कैसे व्यतीत होगा, लोगों का व्यवहार एक दूसरे के प्रति कैसा होगा. यह सब उस काल में ही बताया जा चूका था। यहाँ हम प्रस्तुत करेंगे, भगवान कृष्ण द्वारा कलयुग के बारे में बतायी गयी पांच कड़वी बातें। जो आज शत प्रतिशत सच हो रही है। महाभारत काल में पांचों पांडवों के मन मे, कलयुग के बारे में जानने की जिज्ञासा थी। उन्होंने श्री कृष्ण से एक बार पूछा, की कलयुग में मनुष्य कैसा होगा। लोगों के विचार कैसे होंगे, और मोक्ष प्राप्ति कैसे होगी। ये प्रश्न सुनकर श्री कृष्ण ने, पांचों पांडवों को वन में जाने को कहा। साथ ही ये येभी कहा की, तुम जो कुछ भी वहां देखो उसे मेरे पास आकर विस्तार से बताना। श्री कृष्ण का आदेश पाकर, पांचों भाई वन गए. और कुछ समय बाद वापस आये। फीर एक एक कर पांचों भाइयों ने, वन में जो देखा था वो भगवान कृष्ण को बताया। तब सबसे पहले युधिष्ठिर ने श्री कृष्ण को बताया की, उनहोने वन में दो सूंढ़ वाले हाथी को देखा। तब कृष्ण ने कहा की, कलयुग में ऐसे लोग रा...

भगवान शिव ने पार्वती जी की मगरमच्छ बनकर, क्यों ली परीक्षा. जानिए पौराणिक कथा Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 भगवान शिव ने पार्वती जी की मगरमच्छ बनकर, क्यों ली परीक्षा. जानिए पौराणिक कथा भगवान भोलेनाथ को इस समस्त सृष्टि का रचियता माना जाता है. उनका आदि है ना ही अंत है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव का विवाह पार्वती जी के साथ हुआ था. इस विवाह के लिए, पार्वती जी को सैकड़ों वर्षों तक कठोर तपस्या भी करनी पड़ी थी. हिंदू धर्म में सोमवार के दिन का बेहद महत्व माना जाता है. सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है. जो भी व्यक्ति सोमवार के दिन विधि विधान से शिवजी का पूजन और आराधना करता है. उसके जीवन के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं. इसके साथ ही जीवन में सुख एवं समृद्धि का वास हो जाता है. भगवान भोलेनाथ को बेहद जल्दी प्रसन्न होने वाला देवता भी माना जाता है. भोलेनाथ का विवाह पार्वती जी के साथ हुआ था. इसके लिए पार्वती जी ने सैंकड़ों वर्षों तक कठिन तप किया था. तप के बाद, एक वक्त ऐसा भी आया था, जब पार्वती जी को भगवान शिव की परीक्षा का सामना करना पड़ा था. आइए जानते हैं ये पौराणिक कथा. तो मित्रों नमस्कार औऱ स्वागत है आप सभी का, एक बार फिर धर्म रक्षा पर. Video शुरू करणेसे पहिले हम बताना चाहते है...

आपकी जिंदगी को पल भर में बदल देंगे गीता के ये 8 बाते. Bhagwat Geeta Saar l Shri Krishna Vani भगवत गीता उपदेश सार

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 दोस्तों,आपकी जिंदगी को पल भर में बदल देंगे गीता के ये 8 बाते. आप जब देखो तब डरते ही रहते हो। क्यू इतना डरते हो। सबसे बड़ा डर क्या है। मौत। लेकिन मौत से डरने की जरूरत नहीं है। मौत अस्थायी चीजों के साथ होने वाली एक सतत प्रक्रिया है। तुम साधारण मनुष्य होकर, मौत से डरते हो. उस सिपाही से पूछो, जो रोज सीमा पर खड़ा होकर मौत को चुनौती देता है। वो मरने से नहीं डरता, क्योंकि वो जानता है, कि उसका शरीर अस्थायी है. लेकिन देश की रक्षा का जज्बा स्थायी है। वो जज्बा कभी नहीं मरता। एक बार सोचो, कि अगर तुम्हारे दिमाग और दिल से मौत का डर निकल जाए. तो जिंदगी कितनी सुंदर और मजेदार हो जाएगी। जब देखो दूसरों पर शक करना तुम्हारा शगल बन गया लगता है। टीवी सीरियल कम देखा करो, और चीजों को दूसरे नजर‌िए से देखना सीखो। भगवत गीता में लिखा है कि, अपने आप का आकलन करो. और देखो ‌कि तुम कितने बड़े शंकालु हो। सब पर शक करते हो। बेवजह शक करते हो दोस्तों पर, दफ्तर के साथियों पर, और यहां तक कि अपने परिजनों को भी शक क‌ी निगाह से देखते हो। इतना शक करना सही नहीं। ये विवाद और परेशानी का सबब है। जरूरी नहीं कि सारी दुनिया तुम...