क्या भाग्य की कलम हमारे अपने ही हाथ में होती है? कर्म बडा या भाग्य
क्या भाग्य की कलम हमारे अपने ही हाथ में होती है? दोस्तों, आपका जवाब देने से पहले मैने सोचा की ,क्या फायदा होगा ,जब कोई भी video समझ और जानना, इन दो शब्दो के अंतर के भेद को पार नहि कर सकता है। और ये बात मेरे video पर भी निर्धरित होती है। क्योंकि , नियति के सिद्धांत को दुनिया मे ईश्वर भी नही तोड सकता है, अर्थात भ्रम को समाप्त नही कर सका है, तो मेरा या किसी video का या क्या वजूद। फिर मैने सोचा, कर्म की शक्ति हमारे हाथ मे होती है, चलो इसका इस्तमाल कर लिया जाए। अब आपके प्रश्न के जवाब में आते है, ध्यान से समझें, क्योंकि video की औकात सिर्फ समझने और समझाने तक है, जानने तक video या शब्द की क्षमता नहीं होती है। तो video को ध्यान से और अंत तक जरूर सुने, और सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। दोस्तों, कर्म बड़ा है या भाग्य बड़ा है ? भाग्य बड़ा है, क्योंकि कर्म तो गुलामी है, और कर्म मुक्ति उसका प्रीति फल। अर्थात, कर्म मुक्ति या मोक्ष, कर्म का प्रीति फल हैं। लेकिन कर्म हमारे हाथ मे है,, लेकिन मोक्ष या मुक्ति के बिच मे , गुरु, नियति ,ईश्वर सब खड़े है। रुकावट या एक तरह से, ब...