हर अच्छे इंसान में होती है यह बुरी आदत, इसलिये उनका जीवन मुश्किलों से घिरा रहता है।
दर्शकों, हर अच्छे इंसान में होती है यह बुरी आदत, इसलिये उनका जीवन मुश्किलों से घिरा रहता है। जानलो आपमें भी हैं क्या ऐसी बुरी आदत, वरना जीवन बर्बाद हो जायेगा। तो दोस्तों, video को ध्यान से और सुरु से अंत तक जरूर सुने, और सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। दोस्तों, आपने अक्सर लोगों को ये मंतव्य देते सुना होगा, कि अच्छे लोगों के साथ कभी अच्छा नहीं होता। अच्छे लोग हमेशा दूसरों से पीछे रह जाते हैं, कभी आगे नहीं बढ़ पाते। कुछ लोग इसका कारण उनका भोला या अच्छा होना बना देते हैं। जबकि कुछ लोग इसे आध्यात्मिक नजरिये से देखते हैं, और सोचते हैं कि, बुरे लोगों के कर्मों का बाजार वो खुद पर ले लेते हैं, इसलिए उनके साथ बुरा होता है। आप क्या सोचते हैं? आपको क्या लगता है, कि अच्छे लोग जीवन में कभी आगे क्यों नहीं बढ़ पाते हैं? चलिए ढूंढते हैं इसका जवाब। दोस्तों, आपने महसूस किया होगा, कि जो लोग अच्छे होते हैं, उनमें विनम्रता तो होती है। लेकिन खुद को लेकर अहंकार भी होता है। उन्हें कहीं न कहीं ये पता होते है, कि वो बाकियों से अच्छे हैं, और इस कारण वो दूसरों को थोड़ा कमतर समझते हैं। वो खुद ही ये निर्णय कर लेते हैं, कि वो जो भी करेंगे या फैसला लेंगे, वो बाकियों से अच्छा और नैतिक होगा। उनका ये अहंकार उन्हें ये सोचने ही नहीं देता, की उनसे भी गलती हो सकती है, या उनका लोगों को इस तरह आकना गलत है। इससे नुकसान ये हो जाता है, कि उनके इस भाव का एहसास उनके आसपास के लोगों को भी हो जाता है। और वो कहीं न कहीं उनसे दूरियां बना लेते हैं। उन्हें भय होता ही कि वो अगर उसके सामने जाएंगे या उससे रिश्ता रखेंगे, तो हमेशा उन्हें जज करता रहेगा। जब लोग अच्छे होते हैं, तो लोग उन्हें कोई ऐसी जिम्मेदारी नहीं देना चाहते, जिसमें थोड़ी सी भी चालाकी की जरूरत होती है। ऐसे में उनके कार्यस्थल पर भी उनके स्वभाव की वजह से उनसे पक्षपात हो जाता है। जो उनके पीछे राह जाने की बड़ी वजह बन जाता है। अच्छे लोग जितना दूसरों को नैतिकता के आधार पर जज करते हैं, उतना ही दूसरे लोग उन्हें उनके स्वभाव के आधार पर जज कर, उनकी क्षमता पर शक करते हैं। कई बार तो अच्छे लोगों को इस बात से घुटन भी होती है, कि उनकी अच्छाई ही उनके लिए बंधन बन रही है। लोगों का कर्म भी उनका अच्छा या बुरा होना तय करता है। अगर आपमें अच्छाई है, तो आप चाहकर भी बुरे कर्म नहीं कर पाएंगे, चाहे वह आपके लिए कितना भी लाभकारी क्यों ना हो। अगर कोशिश भी करेंगे, तो हमेशा लोगों के भले का ध्यान रखेंगे। इससे हमेशा आपके कर्म का तात्कालिक परिणाम प्रभावित होगा। और मनमुताबिक हासिल नहीं होगा, भले उसका दूरगामी परिणाम आपको लाभ दे। लेकिन आज के दौर में आगे रहने के लिए, अस्तित्व बनाये रखने के लिए, और एक सफल जीवन जीने के लिए, तात्कालिक परिणाम का फायदेमंद होना बेहद जरूरी है। वरना आप कई मौकों से, कई अवसरों से वंचित रह जाएंगे। इससे आप न केवल पीछे राह जाएंगे, बल्कि जीवन भी कष्टकारी हो जाता है। लेकिन अगर आप दूरगामी परिणाम में यकीन रखते हैं, तो आपको अपने कर्मों पर भी पूरा यकीन रखना चाहिए। और इस बात पर भी की इस कष्ट का परिणाम भविष्य में अवश्य सुखद और संतोषजनक होगा। तो दोस्तों उम्मिद करता हू की, आपको video पसंद आया होगा। और आप हमारे channel पर नये हो तो, video को like, और channel को subscribe जरूर करे। आपके एक लाईक से ही हमे प्रेरणा मिलती है, और हम मोटिवेट होते है। धन्यवाद।

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