मरते समय भगवान का नाम लेने से मुक्ति प्राप्त होती है?



दर्शकों, बहुत लोगो का यह सवाल हैं, की क्या किसी इंसान को मरते समय भगवत गीता सुना देने से, उसे मुक्ति मिल जाती है। भले ही उसने पूरी जिन्दगी पाप किए हो? तो दर्शकों यह छोटासा ही video है, लेकिन बहुत ज्ञानवर्धक हैं। तो इसे ध्यान से और अंत तक जरूर सुने, और सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। दर्शकों, रामायण एवं रामचरितमानस में लिखा है, कि कलियुग में मुक्ति का सबसे सरल साधन राम नाम है। इसके अतिरिक्त कई पुराणों में लिखा है, कि मरते समय व्यक्ति जिस देवता का स्मरण करता है, वो उसी लोक को प्राप्त करता है। इसी संबंध में गरुड़ पुराण में एक पापी व्यक्ति की कथा आती है। जिसने जीवन भर पाप किये, किन्तु अंत समय में उसने अपने पुत्र, जिसका नाम नारायण था, उसे पुकारा। मरने के बाद यमदूत उसे नर्क ले जाने आये, पर विष्णुदूत भी उसे लेने आ गए। भूलवश श्रीहरि का नाम लेने के कारण, इतने पाप करने के बाद भी उसे अंत मे विष्णुलोक प्राप्त हुआ। ये आसान लगता है ना? किन्तु उतन आसान भी नही है। दर्शकों, पहली बात तो ये, कि मरते समय प्राणी केवल और केवल अपने कर्म साथ जाते हैं। अर्थात अगर कोई ये सोचता है, कि मरते हुए आदमी को कोई और भगवद्गीता सुना देगा, तो वो स्वर्ग चला जाएगा, बिल्कुल गलत है। भागवत कथा के श्रवण करने का पुण्य फल, अवश्य बताया गया है, किंतु तब जब व्यक्ति अपनी इच्छा से ऐसा करे। जबरदस्ती राम कथा सुनाने से, किसी को कोई फल प्राप्त नही होता। मतलब अगर आप किसी मरते हुए व्यक्ति को गीता सुनाएंगे तो, उसका पुण्य आपके हिस्से आएगा, उसके नही। लोगों को लगता है, कि जीवन भर पाप करो, और फिर गंगा नहा लो। या मरते समय राम राम जप लो, तो पापकर्म समाप्त हो जाएंगे। लेकिन वास्तविक जीवन में ऐसा नही होता। ये एक ऐसा सत्य है, जिसे विज्ञान ने सिद्ध किया हुआ है। ये बिल्कुल सत्य है, कि यदि कोई पापी से पापी व्यक्ति भी मरते समय, पूरी श्रद्धा से भगवान का नाम ले ले तो, उसे बिल्कुल मुक्ति प्राप्त होती है। किंतु यहां पर एक रहस्य है, जिसे विज्ञान ने भी साबित किया है। कि ऐसा कोई भी व्यक्ति, जिसनें जीवन भर पाप किये हों, मृत्यु के समय निश्चित रूप से उसकी वाणी अवरुद्ध हो जाती है,और बुद्धि कुंठित हो जाती है। इस कारण वो, ना भगवान का स्मरण कर सकता है, और ना ही उनका नाम उच्चारित कर सकता है। इसलिए उसकी मुक्ति तो भूल जाइए। मुझे नही पता, कि आपमें से कितने लोगों ने किसी को मरते देखा है। किंतु आप देखेंगे, कि आजकल अधिकतर लोगों की वाणी, अंत समय में अवरुद्ध हो जाती है। अर्थात वो बोलना चाहता है, किंतु कुछ बोल नही पाता। क्योंकी कलियुग में पाप की मात्रा अत्यधिक है, इसी कारण ज्यादातर लोगों के साथ ऐसा ही होता है। वो ना कुछ बोल सकता है, और ना ही सुन सकता है। कोई भी तकनीक, कितना भी उन्नत विज्ञान, किसी मरते हुए इंसान के मुँह से, जबरदस्ती राम नाम नही निकलवा सकता, यदि प्रभु की इच्छा ना हो तो। इसी कारण ये भूल जाएं, कि आप कुछ भी करें, पर अंत समय में प्रभु का नाम लेकर या सुनकर मुक्ति प्राप्त कर लेंगे। कलियुग में पाप से बचने का तो कोई उपाय नही है, किंतु जितना हो सके उससे दूर अवश्य रहा जा सकता है। आज इस कलियुग में अगर कोई व्यक्ति मरते समय, राम नाम ले सके तो, समझिए उसके संचित पुण्य कर्म ही हैं, जो वो ऐसा कर सका। हमें नही पता कि, अंत समय में हमारी क्या गति होगी, बस ईश्वर से यही प्रार्थना है, कि वो हमें मृत्यु शैय्या में कम से कम राम, कृष्ण, शिव नाम लेने की शक्ति अवश्य प्रदान करे। दोस्तों उम्मिद करता हू की, आपको video पसंद आया होगा। और आप हमारे channel पर नये हो तो, video को like, और channel को subscribe जरूर करे। आपके एक लाईक से ही हमे प्रेरणा मिलती है, और हम मोटिवेट होते है। धन्यवाद।

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