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यमराज कहते है- पत्नी के आलावा इस स्रि के साथ संबंध रखना पाप नहीं होता है।

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 नमस्कार प्रिय दर्शकों, धर्म रक्षा channel पर आप सभी का तहे दिल से स्वागत है। दोस्तों, पत्नी के अलावा इस एक स्त्री से संबंध रखना पाप नहीं होता है। शास्त्रों के अनुसार कोई भी पुरुष पत्नी के अलावा इस एक स्त्री से शारीरिक संबंध बना सकता है। दर्शकों, video को पूरा सुनो तभी कमेंट मे कुछ लिखना है तो लिखो, आधा ज्ञान कुछ काम का नहीं होता है। तो दर्शकों, मेरी एक विनंती है, की video को ध्यान से और अंत तक जरूर सुनो, और सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। और भी जानकारी के लिए हमारे इंस्टाग्राम, whatsapp channel को फ्री मे जुड सकते है, उसकी Link description मे दी है। दर्शकों, एक बार देवर्षि नारद नारायण नारायण का जाप करते हुए, अंतरिक्ष के मार्ग से यमलोक पहुँच जाते हैं। यमलोक के देवता यमराज विशालकाय सिंहासन पर विराजमान होते हैं, उनके पास चित्रगुप्त बैठे हुए होते हैं। तभी देवर्षि नारद उस स्थान पर पहुंच जाते हैं। देवर्षि नारद को आता देख कर, यमराज उनका स्वागत करते हैं, और उन्हें प्रणाम करते हुए कहने लगते हैं, आपके आगमन से यमपुरी धन्य हुई है। देवर्षि नारद कहते हैं, हे मृत्यु और न्याय के...

भगवान ने की ये गलतियां, इसीलिए भोगने पड़े ऐसे श्राप।

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नमस्कार दोस्तों, भगवान ने की ये गलतियां, इसीलिए भोगने पड़े ऐसे श्राप। आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा, जैसी प्रभु की माया। क्या सच में सब कुछ भगवान के मुताबिक होता है? क्या उनके पास इतनी शक्ति है, कि वो हमें हर मुसीबत से निकाल सकते हैं ? अगर ऐसा है, तो फिर क्यों भगवान को भी श्राप भोगना पड़ा? तो दोस्तों video को ध्यान से और अंत तक जरूर सुनो, और सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। दोस्तों, जी हां आपने सही सुना, बहुत से देवी देवता ऐसे हैं, जिन्हें अपने कर्मों के कारण श्राप मिले। और उन्हें भी इनका निर्वाह करना पड़ा । हिन्दू पौराणिक ग्रंथो में कई श्रापों के बारे में बताया गया है। जिनके पीछे कोई न कोई कहानी ज़रूर है, जो हमें सीख देती है। वृंदा का भगवान विष्णु को श्राप। शिवपुराण में भगवान विष्णु को, तुलसी द्वारा दिए गए श्राप के बारे में बताया गया है। जब समुद्र मंथन हुआ तो उस समय, उससे जलंधर नाम के राक्षस का जन्म हुआ। जिसके अत्याचार से सभी देवी देवता परेशान हो गए थे। इस राक्षस की सारी ताकत उसकी पत्नी वृंदा थी। वृंदा भगवान विष्णु की भक्त तो थी ही साथ ही पतिव्रता थी। इसलिए खुद, ...

मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम ने क्यों की, एक स्त्री हत्या ?

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नमस्कार पदोस्तों, मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम ने क्यों की, एक स्त्री हत्या ? मित्रो इस कथा को ध्यान से और अंत तक जरूर सुनो, और सच्चे दिल से कमेंट में जय श्री राम जरूर लिखो। दोस्तों, भगवान श्री राम को मर्यादा पुरूषोत्तम राम भी कहा जाता है। ये नाम उनके सभ्य और मर्यादित व्यवहार के कारण मिला था। लोगों का मानना था कि, श्रीराम कभी कुछ गलत नहीं करते, और ना ही किसी पर अन्याय होने देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि मर्यादा पुरूषोत्तन श्री राम ने भी एक मर्यादा उलांघी थी? जी हां , प्रभु राम ने एक स्त्री की हत्या की थी। जबकि ये क्षत्रिय धर्म के खिलाफ था। जिसके मुताबिक कोई योद्धा किसी महिला पर शस्त्र नहीं उठा सकता । इसके बावजूद श्री राम ने एक स्त्री का वध किया। त्रेतायुग में था, राक्षसों का आतंक। रामायण के मुताबिक त्रेतायुग में धरती पर राक्षसों का बहुत आतंक था। वो सबसे ज्यादा ऋषि मुनियों को परेशान करते और मारते थे । तब भगवान विष्णु ने श्री राम के रूप में राजा दशरथ के घर जन्म लिया । कई राक्षषों का वध किया, और कई श्रापित लोगों को मुक्ति भी दिलाई ।जब ऋषि विश्वामित्र अयोध्या के राजकुमारों प्रभु...

एक तोते ने क्यों दिया था माता सीता को भयंकर श्राप।

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 एक तोते ने क्यों दिया था माता सीता को भयंकर श्राप। नमस्कार दर्शकों, आप सभी का धर्म रक्षा channel पर स्वागत है। दर्शकों video को ध्यान से और अंत तक जरूर सुने, और सच्चे दिल से कमेंट में जय श्री राम जरूर लिखें। दर्शकों, श्री राम और मात सीता ने, 14 वर्ष का वनवास भोग था। माना जाता है, कि जब वनवास के दौरान माता सीता और श्री राम का वियोग एक तोते के श्राप के कारण हुआ था। एक तोते ने माता सीता को भयंकर श्राप दिया था। आइये जानते हैं, इस बारे में। रामायण में कई ऐसे रोचक किस्से मिलते हैं, जो हैरान कर देने वाले हैं। इन्हीं में से एक किस्सा है, माता सीता और एक तोते का। मान्यता है, कि वनवास के दौरान माता सीता और श्री राम के वियोग का कारण, एक तोते का श्राप था, जो उसने माता सीता को दिया था।  रामायण की रचना कई अलग अलग भाषाओं में हुई है। यही कारण है कि, रामयण से जुड़ी कई बातें ऐसी हैं जो हैरान कर देने वाली है।एक भिन्न रामायण में ऐसा उल्लेख मिलता है, कि माता सीता और श्री राम के वियोग के पीछे, एक तोते द्वारा माता सीता को बचपन में मिला श्राप था। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार माता सीता अपनी बहनों के ...

राम नाम के जाप में कितनी शक्ति है?

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 नमस्कार दोस्तों, राम नाम के जाप में कितनी शक्ति है? राम नाम जपने का क्या महत्त्व है इसमें कितनी शक्ति है ? राम नाम जाप कैसे किया जाता है, इन सभी सवालों का जवाब आपको इस video में मिलने वाला है। तो दोस्तों, video को ध्यान से और अंत तक जरूर सुनो, और सच्चे दिलसे कमेंट में जय श्री राम जरूर लिखो। दोस्तों, एक महात्माजी रात्रि के समय में श्रीराम नाम का जाप करते हुए, अपनी मस्ती में चले जा रहे थे। जाप करते हुए वे एक गहन जंगल से गुजर रहे थे। विरक्त होने के कारण, वे महात्मा बार बार देशाटन करते रहते थे। वे किसी एक स्थान में अधिक समय नहीं रहते थे। वे ईश्वर नाम प्रेमी थे। इसलिये दिन रात उनके मुख से राम नाम जप चलता रहता था। स्वयं राम नाम का जाप करते, तथा औरों को भी उसी मार्ग पर चलाते थे। महात्माजी गहन जंगल में मार्ग भूल गये थे, पर अपनी मस्ती में चले जा रहे थे, कि जहाँ राम ले चले वहाँ। दूर अँधेरे के बीच में बहुत सी दीपमालाएँ प्रकाशित थीं। महात्माजी उसी दिशा की ओर चलने लगे। निकट पहुँचते ही देखा, कि वटवृक्ष के पास अनेक प्रकार के वाद्ययंत्र बज रहे हैं, नाच गान और शराब की महफ़िल जमी है। कई स्त्री पुर...

पुत्र की इच्छा रखने वाले, यह जानकारी अवश्य सुने।

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 पुत्र की इच्छा रखने वाले, यह जानकारी अवश्य सुने, कहीं बाद में पछताना न पड़े। नमस्कार दोस्तों, धर्म रक्षा channel पर आप सभी का स्वागत है। Video सुरु करनेसे पहले कमेंट मे सच्चे दिल से जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। दोस्तों, महाराजा चित्रकेतु पुत्रहीन थे। महर्षि अंगिरा का उनके यहां आना जाना होता था। जब भी आते थे, राजा उनसे निवेदन करते, महर्षि मैं पुत्रहीन हूं, इतना बड़ा राज्य कौन संभालेगा? कृपा करो एक पुत्र मिल जाए, एक पुत्र हो जाए। ऋषि बहुत देर तक टालते रहे। कहते राजन, पुत्र वाले भी उतने ही दुखी हैं, जितने पुत्रहीन दुखी है। किन्तु पुत्र मोह बहुत प्रबल है। बहुत आग्रह किया, कहा, ‘qठीक है परमेश्वर कृपा करेंगे तेरे ऊपर, पुत्र पैदा होगा। कुछ समय के बाद एक पुत्र पैदा हुआ। थोड़ा ही बड़ा हुआ होगा, कि राजा की दूसरी रानी ने उसे जहर देकर मरवा दिया। राजा चित्रकेतु शोक में डूबे हुए हैं। बाहर नहीं निकल रहे, महर्षि को याद कर रहे हैं। महर्षि बहुत देर तक इसी होनी को टालते रहे, लेकिन होनी भी उतनी प्रबल। संत महात्मा भी होनी को कब तक टालते। आखिर जो भाग्य में होना है, वह होकर रहता है। संत ही है जो टाल सकता ह...

अपने जवान पुत्र को नग्नावस्था में क्यों देखना चाहती थी महाभारत की ये स्त्री।

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नमस्कार दोस्तों, धर्म रक्षा channel पर आप सभी का स्वागत है। अपने जवान पुत्र को नग्नावस्था में क्यों देखना चाहती थी महाभारत की ये स्त्री। जानते है इसके पीछे का अनोखा रहस्य। दोस्तों video सुरु करनेसे पहले सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री राम जरूर लिखें। महाभारत की कुछ ऐसी कहानियां हैं, जिनसे कुछ लोग आज भी अनजान हैं, और उनसे जुड़े रहस्यों का पता लगा पाना मुश्किल है। ऐसे ही कुछ पात्रों का जिक्र भी महाभारत में किया गया है। हिंदू पौराणिक ग्रंथों में से सबसे प्रमुख है महाभारत। ये ऐसे कई पात्रों के बारे में बताता है, जिनसे आज भी लोगों को प्रेरणा मिलती है। और हममें से कई ऐसे हैं, जो उनकी नीतियों का पालन करते हैं। वहीं महाभारत के कुछ ऐसे पात्र और घटनाएं भी हैं, जो सभी के लिए एक रहस्य हैं। ऐसे ही पात्रों में से महाभारत की एक स्त्री गांधारी का नाम भी लिया जाता है। गांधारी का जीवन महाभारत में कुछ ऐसे रहस्यों के इर्द गिर्द घूमता है, जिनका पता लगा पाना आज भी मुश्किल है। धृतराष्ट्र की पत्नी और कौरवों की मां गांधारी, इस ग्रन्थ में अपनी अनूठी भूमिका और अटूट दृढ़ संकल्प के लिए जानी जाती हैं। वहीं उनका हमेशा...

इन 9 श्रापों के कारण नहीं होती संतान की प्राप्ति, जानिए इनसे बचाव के उपाय सुनो

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नमस्कार दोस्तों, धर्म रक्षा channel पर आप सभी का स्वागत है। इन 9 श्रापों के कारण नहीं होती संतान की प्राप्ति, जानिए इनसे बचाव के उपाय। तो दोस्तों video सुरु करने से पहले सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। कहते हैं कि यदि किसी जातक ने गतजन्म में, अपने पिता के प्रति कोई अपराध किया है, तो उसे इस जन्म मे संतान कष्ट होता है। वैवाहिक बंधन में बंध चुके लोगों की तमन्ना होती है, कि उनके जीवन में खुशियां बरकरार रहे। फिर चाहे वो सुख शांति से जुड़ी हो, या फिर धन संपत्ति से जुड़ी हो। इन्हीं में से एक प्रमुख चीज संतान भी है। जिसके बिना शादी शुदा जीवन और पारिवारिक सुख अधूरा रहता है। लेकिन कई बार लोगों को इस सुख की प्राप्ति बहुत देर से होती है। ज्योतिष मान्यता के अनुसार, वैसे तो कई तरह के श्रा,प या योग बताए गए हैं। जिसके चलते पहले तो संतान नहीं होती है। संतान हो जाती है, तो संतान को कष्ट होता है, या संतान की मृत्यु भी हो सकती है। पराशर संहिता में भी कुछ इसी तरह के श्रापों का वर्णन किया गया है। कहते हैं, कि यदि किसी जातक ने गतजन्म में अपने पिता के प्रति कोई अपराध किया है, तो उसे इस जन्म स...

जानिए क्‍यों और कैसे मनाई जाती है राम नवमी

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 नमस्कार दर्शकों, जानिए क्‍यों और कैसे मनाई जाती है राम नवमी। दोस्तों video सुरु करनेसे पहले सच्चे दिल से कमेंट मे जय श्री राम जरूर लिखें। हिंदू धर्म में रामनवमी का विशेष महत्व है। कहा जाता है, कि इस दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। रामनवमी के दिन ही चैत्र नवरात्र की समाप्ति होती है। इस दिन मां दुर्गा और भगवान राम की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। तो चलिए जानते हैं, राम नवमी पर्व का पौराणिक महत्व। रामनवमी का त्योहार बेहद ही खास होता है, क्योंकि इस दिन धरती से पाप का अंत करने, और आदर्श राज्य की परिकल्पना को सच में बदलने के लिए, भगवान श्रीराम ने जन्म लिया था। इस दिन की महिमा इतनी खास है, कि अगर रामवनमी के दिन भगवान श्रीराम का स्मरण और विधि विधान से पूजा पाठ की जाएं, तो सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, त्रेतायुग में धरती से अत्याचारों को खत्म करने, और धर्म की फिर से स्थापना के लिए, भगवान विष्णु ने मृत्यु लोक में श्री राम के रूप में अवतार लिया। भगवान राम का जन्म चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन, पुनर्वसु नक्षत्र में और कर्क लग्न में अयोध्या में...

शिवलिंग का ये रहस्य जानकर हैरान हो जाएंगे आप। क्यों नहीं छूती महिलाएं शिवलिंग।

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नमस्कार दर्शकों, शिवलिंग का ये रहस्य जानकर हैरान हो जाएंगे आप। क्यों नहीं छूती महिलाएं शिवलिंग। शिवलिंग में जल चढ़ाने की परंपरा क्यों है। शिवलिंग कोई लिंग या योनि अर्थ है क्या। शिवलिंग का मतलब क्या है। इनी सभी सवालों का जवाब इस video में मिल जायेगा। तो दर्शकों video को ध्यान से और अंत तक जरूर सुनो। और सच्चे दिल से कमेंट में हर हर महादेव जरूर लिखें। दर्शकों, सनातन धर्म में शिवलिंग की पूजा को बहुत ही महत्व दिया जाता है। शिवलिंग को शिव का रूप माना जाता है। लेकिन जिन लोगों को धर्म का ढंग से ज्ञान नहीं है। उन्हीं लोगो ने शिवलिंग का गलत अर्थ निकाला है। उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए शिवलिंग को अपने गंदे विचारों के साथ, लोगों के सामने पेश किया है। कुछ ऐसे लोग भी है, जिन्हें धर्म या किसी भाषा का पूरा ज्ञान नहीं होता। इसलिए वो लोग कहते हैं, कि हिन्दू धर्म गंदा है, इसमें लिंग की पूजा की जाती है। यहां पर इनका इशारा शिवलिंग की तरफ है। जबकि संस्कृत में लिंग का मतलब चिन्ह, या किसी चीज का प्रतीक होना है। इसी तरह शिवलिंग का मतलब शिव का प्रतीक होता है। उसी तरह हिंदी में पुरुष लिंग का मतलब पुरुष क...

इन संकेत से पता चलेगा की आपकी किस्मत बदलने वाली है।

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नमस्कार दर्शकों, इन संकेतों से मिलते हैं, आपकी किस्मत का हाल, इसे जरूर सुने। पुराणों में बताया गया है, कि मनुष्य की जब विपरीत परिस्थिति चल रही हो, तब उसे घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उसका डटकर सामना करना चाहिए। हर रात के बाद सुबह होती है, या यूं कहें कि, हर काली रात के बाद सुबह का प्रकाश होता है। जिस तरह खराब समय आता है, उसी तरह अच्छा समय भी आता है।भगवान हर व्यक्ति के जीवन में, कुछ ऐसे संकेत लेकर आते हैं, जिससे यह आभास हो जाता है। कि अब खराब समय आने वाला है। आज हम जानेंगे कुछ ऐसे संकेत जिसका अर्थ यह है। कि आपकी किस्मत जल्दी ही बदलने वाली है, चलिए जानते हैं। दर्शकों video सुरु करनेसे पहले सच्चे दिल से कमेंट में जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। सुबह उठने के बाद दर्पण में अपना चेहरा नहीं देखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे अशुभ माना जाता है। बल्कि इसके अलावा, सुबह उठने के बाद देवी देवता, अथवा गुरु जी का ध्यान करना चाहिए, अथवा अपनी हथेली देखनी चाहिए। सुबह उठने के बाद चेहरा धोने के बाद ही अपना मुंह देखना चाहिए। जब आप चेहरा दर्पण में देखें, और सकारात्मक भाव दिखाई दे, तो समझ ले कि अब आपकी किस...

किस दिन पैदा होने वाले बच्चे होते है बहुत भाग्यशाली, इनमें से कहीं आप तो नहीं।

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नमस्कार दर्शकों, किस दिन पैदा होने वाले लोग होते है बहुत भाग्यशाली, इनमें से कहीं आप तो नहीं। हमारे जीवन में कुंडली और नक्षत्रों से भविष्य में होने वाली परेशानियों का पता चलता हैं। तो चलिए आज जानते हैं, कि किस दिन जन्मे लोग बहुत भाग्यशाली होते हैं। तो दोस्तों video सुरु करनेसे पहले कमेंट में जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। शनिवार के दिन जन्मे लोग मस्त रहते है, इस दिन जन्मे लोग अपने वादों के पक्के होते हैं। और अपने वादे कभी नही तोड़ते है। यह लोग बहुत जल्दी दुसरो से घुल मिल जाते है। इस दिन जन्मे लोग, अपने काम को पूरा करनेे में, अपनी पूरी शक्ति लगा देते हैं। लेकिन उस काम को अधूरा नहीं छोड़ते। रविवार, इस दिन पैदा हुए लोगों पर, सूर्य देव की बहुत कृपा होती है। यह लोग बहुत भाग्यशाली और प्रतिष्ठा वाले होते हैं। इनको शांत रहना पसन्द होता है। इनको दुसरो की मदद करना अच्छा लगता हैं।सोमवार, जिनका जन्म सोमवार को होता है, वह बहुत चंचल स्वभाव के होते है। सोमवार के दिन जन्मे व्यक्तियोंं की वाणी, बहुत मधुर होती है। जिस से भी किसी को मोह सकते हैं।  ये लोग चंचल होने के कारण, इनके विचार निरन्तर बदलते रह...

माता सीता ने भी किया था घोर पाप

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 माता सीता ने भी किया था घोर पाप। रामायण की कथा तो सभी ने सुनी या पढ़ी होगी। जिसमे श्री राम और माता सीता के जीवन से जुड़े पहलुओं को दिखाया गया है। उन्हीं में से एक कहानी में बताया गया है कि कैसे मर्यादा पुरुषोतम राम, अपनी पत्नी सीता को एक धोबी की बातों में आकर, अयोद्धया छोड़कर जाने को कह दिया था। लेकिन क्या आपको पता है कि, वो धोबी के रूप में जन्मा एक पक्षी था। जिसके श्राप की वजह से ही, माता सीता को वन में भटकना पड़ा था। जी हां आपने सही सुना माता सीता को श्राप मिला था। धरती की कोख़ से जन्मी थीं मा सीता, मिथिला नगरी में जनक राजवंश राज करता था। उन्हीं में से एक राजा सीरध्वज थे। एक बार यज्ञ के लिए वो ज़मीन जोत रहे थे। उसी समय वहां से एक छोटी कन्या निकलती है। इस सुंदर कन्या को देख कर राजा को बहुत खुशी हुई । उन्होंने उस कन्या को अपनी पुत्री बना लिया। उसका नाम सीता रखा। एक दिन सीता अपनी सहेलियों के साथ बगीचे में खेल रहीं थीं। वहाँ उन्हें एक तोते का जोड़ा दिखाई दिया। जो बहुत ही खूबसूरत था। वे दोनों पक्षी एक पर्वत की चोटी पर बैठ कर बाते कर रहे थे। पृथ्वी पर श्री राम नाम से विख्यात एक बड़े...

किस्मत खुलने के ये 24 संकेत जो बदल सकते हैं

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नमस्कार दर्शकों, किस्मत खुलने के ये 24 संकेत जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत। अक्सर हमारे जीवन में अचानक से कुछ ऐसी घटनाएं घटती हैं, जो न केवल हमारे चेहरे पर मुस्कराहट ला देती है, बल्कि उससे घर का पूरा माहौल ही रंगीन हो जाता है। आप नहीं मानेंगे कि आपके लिए यह शुभ मैसेज प्रकृति पहले सी किसी न किसी के माध्यम से दे जाती है। तो आप भी इन गुड लक के सिंबल्स को पहचानिए, और किस्मत का वेलकम करें बाहें फैलाकर। ये चौबीस गुड लक के सिंबल्स बदल सकते है आपकी किस्मत। तो दर्शकों video सुरु करनेसे पहले सच्चे दिल से कमेंट में जय श्री कृष्ण जरूर लिखें। सफेद गाय, गौ माता अगर भवन के द्वार पर आकर जोर जोर से रंभाएं, तो निश्चय ही घर के सुख में वृद्धि होती है। गाय का खेत या गार्डन में आकर चरना, लक्ष्मी प्राप्ति का सूचक होता है। मधुर ध्वनियों का सुनाई पड़ना, सुबह में अगर आपको मन्दिर से घंटियों, शंख,या भजन कीर्तन की ध्वनि सुनाई दे, तो एक अच्छा शकुन होता है। नव वर वधू का दिखाई देना, मार्ग में अगर सोलह श्रृंगार किये कोई नई नवेली दुल्हन नज़र आ जाए, तो इसे भी एक अच्छा चिन्ह मानिए। श्रीफल, जब भी कभी आपको सुबह उठते ही श्री...

अच्छा वक्त आने से पहले मिलते हैं ये सात संकेत

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  अच्छा वक्त आने से पहले मिलते हैं ये सात संकेत, खुद चलकर आती है। धन दौलत हर व्यक्ति के जीवन में एक बार ऐसा समय आता है, जब उसे हर जगह से निराशा ही निराशा मिलती है। लेकिन कहते हैं ना कि हमेशा समय एक जैसा नहीं होता और जिनका बुरा समय आता है, उनका अच्छा समय भी जरूर आता है। आइए जानते हैं कि अच्छा वक्त आने से पहले हमें क्या संकेत मिलते हैं। हर व्यक्ति के जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं, ये सब समय चक्र के कारण होता है। समय से बलवान कुछ भी नहीं होता है, आपने अपने जीवन में व्यक्ति को राजा से रंक और रंक से राजा बनते हुए भी देखा होगा, जब भी आपके जीवन में बड़ा बदलाव होने वाला होता है, तो ऐसे बड़े बदलावों से पहले आपको ईश्वर या सृष्टि के द्वारा कुछ ऐसे संकेत प्राप्त होते हैं कि, आपके आने वाले समय में ईश्वर ने आपके लिए कुछ अच्छा सोचा है। आइए जानते हैं उन खास संकेतों के बारे में जो भगवान अच्छा समय आने से पहले देते हैं। नींद ब्रह्म मुहूर्त में खुलना, बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जिनकी नियमित रूप से उठने से पहले आंख खुल जाती है। यदि आप ये देख पा रहे हैं कि आपकी नींद ब्रह्म मुहूर्त में खुल रही है य...

शिव की पुजा कैसे करें। शिवरात्रि पर शिव की पुजा कैसे करें।

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नमस्कार दर्शकों, शिव की पुजा कैसे करें। शिवरात्रि पर शिव की पुजा कैसे करें। मनोकामना पूर्ति के लिए शिवरात्रि उपाय, शिवरात्रि पर कैसे करें पुजा शिवपुराण के अनुसार, शिवरात्रि पर। दर्शकों video सुरु करने से पहले सच्चे दिल से कमेंट में ओम नम शिवाय जरूर लिखें। दर्शकों, सबसे पहले जल्दी उठकर सनान करें, और फिर माथे पर भस्म से त्रिपुंड और तिलक लगाएं। इसके बाद गले में हो सके तो रुद्राक्ष की माला पहनें। ऐसा करने से कई गुणा फल मिलता है, और हमसे अनजाने में हुए, पाप भी दूर हो जाते हैं। इस दिन शिव मंदिर जाकर शिवलिंग का विधिपूर्वक पूजन करें, और भगवान शिव को प्रणाम करें। इसके बाद दिनभर व्रत या उपवास करना चााहिए। ऐसा करने से कभी न खत्म होने वाला महापुण्य मिलता है। महाशिवरात्रि का दिन साल मे दो बार आता है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण शिवरात्रि फाल्गुन मास की, मानी जाती है। यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है, यह दिन भगवान् शिव और पार्वती जी के शादी के, पर्व के रूप मे मनाया जाता है।  इस दिन लोग शिव जी को प्रसन्न करने के, लिए विधि विधान से पूजा पाठ करते है। इस साल...